ट्रांसमिशन लाइन बनी थी अड़चन, अब हटाने की तैयारी तेज; एक महीने में शुरू हो सकता है फेज-2 का काम
गाजीपुर। गाजीपुर-बलिया क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर निर्माण कार्य में तेजी आने वाली है। एक्सप्रेसवे के फेज-2 के रास्ते में आ रही ट्रांसमिशन लाइन को हटाने की प्रक्रिया अब तेज कर दी गई है। बिजली विभाग और संबंधित कार्यदायी एजेंसियों की ओर से आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
ट्रांसमिशन लाइन की वजह से एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्से में निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था। अब लाइन को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके लिए संबंधित स्थानों पर नए टावर लगाने और लाइन स्थानांतरण की तैयारियां की जा रही हैं।
बताया जा रहा है कि बिजली आपूर्ति बंद करने की अनुमति मिलने के बाद ट्रांसमिशन लाइन हटाने का काम तेजी से कराया जाएगा। अधिकारियों की योजना है कि करीब एक महीने के भीतर फेज-2 से जुड़ा काम शुरू कराया जा सके।
पहले चरण में वाहनों की आवाजाही शुरू
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के पहले चरण के करीब 34 किलोमीटर हिस्से पर वाहनों का आवागमन शुरू हो चुका है। इससे गाजीपुर की तरफ से आने-जाने वाले लोगों को आवागमन में सुविधा मिलनी शुरू हो गई है।
करीब 130 किलोमीटर लंबा चार लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे गाजीपुर, बलिया और बिहार की कनेक्टिविटी को बेहतर करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। परियोजना पूरी होने के बाद पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
ट्रांसमिशन लाइन हटते ही रफ्तार पकड़ेगा काम
फेज-2 के रास्ते में मौजूद बिजली की हाईटेंशन लाइन को हटाना इस समय सबसे महत्वपूर्ण कार्य माना जा रहा है। लाइन शिफ्ट होने के बाद एक्सप्रेसवे के प्रभावित हिस्से में निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
अधिकारियों का कहना है कि ट्रांसमिशन लाइन हटाने की प्रक्रिया पूरी होते ही फेज-2 के काम में तेजी आएगी और निर्धारित समय के अनुसार इसे शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है।



























