अभिषेक कुमार सिंह
गाजीपुर, 7 मई 2026 किसी परिजन की मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचने वाले लोगों को अब जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। गाजीपुर में श्मशान घाट पर लकड़ी और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के नाम पर होने वाली अवैध वसूली की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर पालिका प्रशासन ने इस समस्या के समाधान के लिए पहल शुरू कर दी है।
जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी तथा अपर जिलाधिकारी (भू-राजस्व) ने गाजीपुर के श्मशान घाट पर पहुंचकर लकड़ी विक्रेताओं, डोम राजा और स्थानीय लोगों के साथ बैठक की। बैठक में श्मशान घाट पर होने वाली अव्यवस्थाओं और अवैध वसूली पर रोक लगाने के लिए चर्चा की गई, जिसमें सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय के लिए आगामी शनिवार को एक और बैठक आयोजित की जाएगी।

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी धीरेन्द्र राय ने बताया कि बैठक में लकड़ी विक्रेताओं के लिए लकड़ी का निर्धारित रेट तय करने, श्मशान घाट पर मृतकों का रजिस्ट्रेशन करने तथा अंतिम संस्कार के नाम पर डोम राजा और अन्य लोगों द्वारा की जाने वाली अवैध वसूली पर रोक लगाने के लिए व्यवस्था बनाने पर सहमति बनी है। इसके साथ ही श्मशान घाट के संचालन से जुड़े लोगों की एक समिति बनाकर सभी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
उन्होंने कहा कि शव यात्रा में शामिल लोग पहले ही अपने परिजन की मृत्यु से दुखी होते हैं। ऐसे में श्मशान घाट पर अवैध वसूली और अव्यवस्था उनके दुख को और बढ़ा देती है। इसलिए नगर पालिका प्रशासन की कोशिश है कि वहां आने वाले शव यात्रियों को सम्मानजनक और सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
उल्लेखनीय है कि गाजीपुर के श्मशान घाट पर प्रतिदिन सैकड़ों शवयात्री अंतिम संस्कार के लिए आते हैं। यहां सिर्फ गाजीपुर ही नहीं बल्कि पड़ोसी जनपद मऊ और आजमगढ़ से भी लोग अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने पहुंचते हैं। लंबे समय से यहां लकड़ी और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर अधिक पैसे वसूले जाने की शिकायतें मिल रही थीं। नवागत जिलाधिकारी के संज्ञान में मामला आने के बाद नगर पालिका प्रशासन को इसे तत्काल सुलझाने के निर्देश दिए गए।





















