गाजीपुर।
चर्चित विनीत राय हत्याकांड में पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवालों के बीच वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) वैभव कृष्ण ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक दीनदयाल पांडेय और हल्का प्रभारी उपनिरीक्षक चंद्रशंकर मिश्र को निलंबित कर दिया है। दोनों अधिकारियों पर पूर्व में मिली शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई न करने और कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वर्ष 2023 से मृतक पक्ष द्वारा कटरा गैंग की गतिविधियों और लगातार मिल रही धमकियों की शिकायतें पुलिस को दी जा रही थीं, लेकिन उन पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए गए होते तो इस हत्याकांड को रोका जा सकता था।
जांच में यह भी पाया गया कि 8 दिसंबर 2023 की घटना में दोनों पक्षों की भूमिका होने के बावजूद एकतरफा कार्रवाई की गई। साथ ही गैंगस्टर एक्ट में नामजद आरोपी शंकर पांडेय के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई नहीं की गई और शिकायतों का सरसरी ढंग से निस्तारण कर दिया गया, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़े।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर डीआईजी ने दोनों अधिकारियों के निलंबन के साथ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीआईजी वैभव कृष्ण ने स्पष्ट किया कि गाजीपुर, जौनपुर और चंदौली जनपदों में व्यापारियों और आम नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





















