Oplus_16908288
गाजीपुर। कासिमाबाद क्षेत्र के एक सफाईकर्मी का तीन महीने का वेतन रुके होने के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री विष्णु प्रताप सिंह सोमवार को जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उनकी डीपीआरओ रमेश चंद उपाध्याय से तीखी नोकझोंक हो गई।

आरोप है कि भाजपा जिला महामंत्री ने डीपीआरओ से नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि सफाईकर्मी का वेतन नहीं मिला तो उन्हें “ठीक कर दिया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि वह लड़ने वाले लोग हैं। अभी महेंद्र पांडेय व कलराज मिश्रा जैसे नेताओं के पास दौड़ने लगोगे। उन्होंने कथित तौर पर डीपीआरओ को यह भी कहा कि उन्हें बचाने वाला कोई नहीं है।
वहीं, पूरे मामले पर डीपीआरओ रमेश चंद उपाध्याय ने कहा कि भाजपा महामंत्री एक निलंबित सफाईकर्मी की पैरवी करने आए थे। उन्होंने बताया कि वह उनसे पहली बार मिले और बातचीत के दौरान उनकी भाषा-शैली उचित नहीं थी। डीपीआरओ के मुताबिक, भाजपा नेता बार-बार उन्हें धमकी देते हुए “ठीक कर देने” और ट्रांसफर कराने की बात कह रहे थे।
डीपीआरओ ने कहा कि अधिकारी से इस तरह की भाषा में बात करना उचित नहीं है। उन्होंने इसे संबंधित व्यक्ति के संस्कार और व्यवहार से जोड़ते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
मामला सामने आने के बाद भाजपा नेता और डीपीआरओ के बीच हुई तीखी बातचीत को लेकर विभागीय और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।





















