राम मंदिर चंदा और चोरी मामले पर बोले सांसद, आरोपियों को बताया ‘महमूद गजनवी का वंशज’; एसआईटी जांच पर भी उठाए सवाल
अभिषेक कुमार सिंह
गाजीपुर, 22 जून 2026।
गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री द्वारा वाराणसी की एक मस्जिद को हटाए जाने के मामले पर की गई टिप्पणी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने की जरूरत नहीं है और भारत का मुसलमान पाकिस्तान के मुसलमानों से बेहतर स्थिति में है।
अफजाल अंसारी ने कहा कि भारत में संविधान, लोकतंत्र और स्वतंत्र न्यायपालिका की व्यवस्था है, जिसके माध्यम से देश के नागरिक अपनी समस्याओं का समाधान निकालने में सक्षम हैं। उन्होंने पाकिस्तान को नसीहत देते हुए कहा कि वह पहले अपने देश की समस्याओं पर ध्यान दे और भारत के मामलों पर “घड़ियाली आंसू” बहाना बंद करे।
विदेश नीति पर टिप्पणी करते हुए सांसद ने कहा कि हाल के अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में पाकिस्तान की बढ़ती भूमिका भारत की विदेश नीति की विफलता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि जिस देश पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं, उसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलना चिंताजनक है।
वाराणसी में रेलवे की जमीन पर बनी मस्जिद को हटाने के मामले में उन्होंने कहा कि यदि मस्जिद रेलवे लाइन के अस्तित्व में आने से पहले की है, तो उसे हटाने का निर्णय उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय पर पुनर्विचार करना चाहिए।
राम मंदिर में चंदा और कथित चोरी के मामले पर बोलते हुए अफजाल अंसारी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा पहले उठाए गए सवाल अब जांच के दौरान सही साबित होते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं।
उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि इतिहास में महमूद गजनवी द्वारा मंदिरों को लूटने की घटनाएं पढ़ी और सुनी जाती रही हैं, और जो लोग भगवान राम के मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी कर रहे हैं, वे उसी मानसिकता के प्रतीत होते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान के घर में हुई चोरी को भगवान भी माफ नहीं करेंगे और इसका परिणाम गंभीर होगा।
एसआईटी जांच पर सवाल उठाते हुए सांसद ने इसे “नाटक” करार दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि इस मामले की जांच देश के चारों शंकराचार्यों को सौंपी जाए, ताकि निष्पक्ष और धार्मिक दृष्टि से विश्वसनीय जांच हो सके। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी पाया जाए, उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।





















