गाजीपुर,जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में अनुसूचित जाति के लिए संचालित बकरी पालन योजनाओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में अनुसूचित जाति के भूमिहीन व गरीब पशुपालकों की आय बढ़ाने और कुपोषण से बचाव के उद्देश्य से बकरी पालन योजना शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि बकरी पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना से जुड़ा महत्वपूर्ण व्यवसाय है। इससे प्राप्त दूध और मांस आय तथा पोषण का प्रमुख स्रोत है। बकरी पालन न्यूनतम जोखिम और अधिकतम लाभ वाला व्यवसाय माना जाता है। इस योजना के क्रियान्वयन से बकरी के दूध और मांस के उत्पादन में वृद्धि होगी, जिससे प्रदेश की सकल आय बढ़ेगी और अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों को रोजगार के अवसर मिलेंगे, साथ ही उनके सामाजिक और आर्थिक स्तर में सुधार आएगा।
योजना का स्वरूप:
अनुसूचित जातियों के लिए बकरी पालन योजना (राज्य योजना) के तहत जनपद में 14 बकरी इकाइयों की स्थापना की जाएगी। प्रत्येक इकाई में एक नर और पांच मादा बकरियां दी जाएंगी। प्रति इकाई कुल लागत 60 हजार रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें 90 प्रतिशत यानी 54 हजार रुपये राज्यांश तथा 10 प्रतिशत यानी 6 हजार रुपये लाभार्थी अंश होगा। योजना के अंतर्गत एक मादा बकरी का मूल्य 9 हजार रुपये तय किया गया है। आवंटित धनराशि से नर व मादा बकरियों की खरीद, बीमा, चिकित्सा और परिवहन की व्यवस्था की जाएगी।
पात्रता:
इस योजना के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु के अनुसूचित जाति के महिला या पुरुष बेरोजगार पशुपालक पात्र होंगे, जिनके पास बकरियों को रखने के लिए उचित स्थान उपलब्ध हो। चयन में विधवा और निराश्रित महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी तथा उपलब्धता के आधार पर 3 प्रतिशत दिव्यांगजनों को भी शामिल किया जाएगा।
आवेदन के साथ आधार कार्ड, अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र (ग्राम प्रधान द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र भी मान्य), बैंक पासबुक की छायाप्रति (खाते में लाभार्थी अंश 6000 रुपये होना अनिवार्य), बकरी पालन प्रशिक्षण प्रमाण पत्र तथा विधवा/निराश्रित या दिव्यांग होने की स्थिति में संबंधित प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा।
इस योजना का लाभ लेने के इच्छुक व्यक्ति अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या विकास भवन स्थित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 30 मई 2026 निर्धारित की गई है।





















