डॉ. गजाधर शर्मा गंगेश को मिला ‘डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान’, पं. देवब्रत मिश्रा रहे अतिथि कलाकार
गाजीपुर। तुलसी सागर स्थित गंधर्व म्यूजिक एकेडमी ने अपनी सुरमयी यात्रा के 10 वर्ष पूरे कर 11वें वर्ष में प्रवेश किया। इस अवसर पर एकेडमी परिसर में भव्य सांस्कृतिक उत्सव एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षा, साहित्य, पत्रकारिता और संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में भांवरकोल क्षेत्र के कठार ग्राम निवासी, विद्यार्थियों के आदर्श शिक्षक, लेखक एवं पत्रकार डॉ. गजाधर शर्मा ‘गंगेश’ को शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और सेवाभाव के लिए वर्ष 2026 के ‘डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

वहीं बनारस घराने की करीब 500 वर्ष पुरानी संगीत परंपरा के वंशज और देश-विदेश में अपनी कला की पहचान बना चुके सुप्रसिद्ध सितार वादक पं. देवब्रत मिश्रा को अतिथि कलाकार के रूप में सम्मानित किया गया। पं. मिश्रा अब तक 40 से अधिक देशों में 4000 से अधिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुके हैं और देश-विदेश में संगीत की शिक्षा भी दे रहे हैं।

एकेडमी के दो प्रतिभाशाली विद्यार्थियों दीपक कुमार और अंकित राजभर को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
समारोह का शुभारंभ अंतर्राष्ट्रीय गीता गुरुकुल फाउंडेशन, मिशिगन (अमेरिका) के संस्थापक श्री योगी आनंद जी महाराज, अपर जिलाधिकारी श्री सुनील त्रिवेदी, जेल अधीक्षक श्री जेपी दूबे तथा क्षेत्राधिकारी मोहम्मदाबाद श्री सुधाकर पाण्डेय ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया।
इसके बाद एकेडमी के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत कर समारोह का शुभारंभ किया। प्रसार भारती के सुप्रसिद्ध लोक कलाकार श्री राम अलम सिंह ‘मधुर’ ने राही जी की रचनाओं की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्राधिकारी मोहम्मदाबाद श्री सुधाकर पाण्डेय ने पुलिस की वर्दी के पीछे एक इंसान के रूप में दबे अरमानों और भावनाओं को मारकर जीने वाले व्यक्ति की व्यथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने समारोह में मौजूद लोगों को भावुक कर दिया और कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
डॉ. गजाधर शर्मा ‘गंगेश’ ने साहित्यिक विषय पर विचार व्यक्त करते हुए एकांकी और नाटक के बीच के अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने समाज में शिक्षा और शिक्षक की भूमिका पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
वहीं पं. देवब्रत मिश्रा ने सितार की शास्त्रीय प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने बनारस घराने की समृद्ध संगीत परंपरा और उसकी विशेषताओं से भी लोगों को परिचित कराया।
समारोह के अंत में एडीएम भू/राजस्व, जेल अधीक्षक, सीओ मोहम्मदाबाद, श्री राम अलम सिंह ‘मधुर’, प्रसिद्ध तबला वादक श्री नीलेश दुबे, श्री फिरोज खान सहित अन्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्रम एवं श्रीमद्भगवद्गीता की पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया।
एकेडमी के निदेशक डॉ. विद्यानिवास पाण्डेय ने कहा कि प्रत्येक वर्ष संगीत जगत के किसी विद्वान कलाकार को एकेडमी में आमंत्रित किया जाता है, ताकि विद्यार्थियों में संगीत के प्रति रुचि बढ़ने के साथ-साथ उनके ज्ञान में भी वृद्धि हो सके।
समारोह में विद्वान अर्थशास्त्री डॉ. श्रीकांत पाण्डेय, डॉ. डीपी सिंह, डॉ. सर्वेश पाण्डेय, डॉ. आनंद अग्रवाल, श्रीमती शीला सिंह, नागेश मिश्रा, अमरनाथ तिवारी, दिलीप आर्य, शिवानी पाण्डेय, दिनेश शर्मा, मधु यादव, स्वप्निल राजन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन आकाश विजय त्रिपाठी ने किया। अंत में संस्था के संरक्षक नागेन्द्र नाथ पांडेय ने सभी अतिथियों, कलाकारों, विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।























