
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के साथ गाजीपुर सदर विधानसभा (375) का राजनीतिक माहौल भी गर्माने लगा है। समाजवादी पार्टी के संभावित उम्मीदवार को लेकर जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सवाल उठ रहा है कि पार्टी एक बार फिर मौजूदा विधायक जयकिशन साहू पर भरोसा जताएगी या फिर किसी नए चेहरे को मौका देगी।
इस चर्चा को सबसे पहले उस समय बल मिला था, जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव गाजीपुर दौरे पर आए थे। प्रारंभिक कार्यक्रम में सपा नेता राजकुमार पाण्डेय (नारी, पचदेवरा) के आवास पर जाने का कोई उल्लेख नहीं था, लेकिन बाद में जारी संशोधित प्रोटोकॉल में उनका नाम जोड़े जाने से जिले की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई थी। उस दौरान वरिष्ठ समाजवादी नेता शिवपाल सिंह यादव भी उनके साथ मौजूद थे।

अखिलेश यादव के आगमन की सूचना मिलते ही राजकुमार पाण्डेय के समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। फूल-मालाओं, नारों और समाजवादी झंडों के बीच उनका भव्य स्वागत किया गया। राजकुमार पाण्डेय ने स्वयं आवास के बाहर खड़े होकर राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत किया। अखिलेश यादव ने पाण्डेय परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और कुछ समय उनके आवास पर बिताया।

उस समय राजकुमार पाण्डेय ने कहा था कि यह उनके लिए गर्व का क्षण है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उनके घर आए। उन्होंने बताया कि आग्रह करने पर अखिलेश यादव ने आने का आश्वासन दिया था और उन्होंने अपना वादा निभाया।
राजकुमार पाण्डेय की बढ़ती सक्रियता
पिछले कुछ वर्षों में राजकुमार पाण्डेय की संगठन में सक्रियता लगातार बढ़ी है। उन्हें गाजीपुर सदर क्षेत्र में समाजवादी पार्टी का एक मजबूत ब्राह्मण चेहरा माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वे 2027 विधानसभा चुनाव के लिए संभावित दावेदारों की सूची में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं।
ब्राह्मण सम्मेलन से फिर तेज हुई चर्चा

इसी बीच 5 अगस्त 2026 को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में ‘छोटे लोहिया’ जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित प्रबुद्ध एवं ब्राह्मण सम्मेलन ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
इस सम्मेलन में राजकुमार पाण्डेय को मंच से संबोधित करने का अवसर मिला और अखिलेश यादव द्वारा उनका स्वागत किए जाने को भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके बाद गाजीपुर की राजनीति में एक बार फिर यह चर्चा तेज हो गई कि समाजवादी पार्टी गाजीपुर सदर विधानसभा में नए सामाजिक समीकरणों पर गंभीरता से विचार कर रही है।
क्या बदलेगा सपा का चुनावी समीकरण?
गाजीपुर सदर विधानसभा का चुनाव जातीय संतुलन और स्थानीय समीकरणों के आधार पर काफी संवेदनशील माना जाता है। वर्तमान विधायक जयकिशन साहू वैश्य समाज से आते हैं और इसी सामाजिक आधार पर उन्होंने 2022 का चुनाव जीता था।
अब राजनीतिक चर्चाओं में तीन संभावनाओं पर सबसे अधिक चर्चा हो रही है—
क्या समाजवादी पार्टी फिर से सिटिंग विधायक जयकिशन साहू पर भरोसा जताएगी?
क्या पार्टी ब्राह्मण चेहरे के रूप में राजकुमार पाण्डेय जैसे नए उम्मीदवार पर दांव लगाएगी?
या फिर बिंद समाज के किसी अन्य मजबूत चेहरे को मैदान में उतारकर अपना पारंपरिक सामाजिक समीकरण बरकरार रखेगी?
फिलहाल चर्चा, फैसला बाकी
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टिकट वितरण का अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व, संगठनात्मक रिपोर्ट, सामाजिक समीकरण और चुनावी रणनीति को ध्यान में रखकर करेगा। फिलहाल किसी भी नाम पर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
ऐसे में गाजीपुर सदर विधानसभा से समाजवादी पार्टी ब्राह्मण चेहरे, मौजूदा विधायक जयकिशन साहू या फिर बिंद समाज के किसी उम्मीदवार पर अपनी मुहर लगाएगी, इसका जवाब आने वाला समय ही देगा। फिलहाल जिले की राजनीति में इस विषय को लेकर चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं।





















