गाजीपुर नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल को कारण बताओ नोटिस, निर्माण कार्यों में अनियमितता के आरोप
गाजीपुर। नगर पालिका परिषद गाजीपुर की अध्यक्ष सरिता अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। उत्तर प्रदेश शासन के नगर विकास अनुभाग-6 ने उनके विरुद्ध विभिन्न निर्माण कार्यों में अनियमितता और स्वीकृत धनराशि से अधिक भुगतान किए जाने के आरोपों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। शासन की ओर से जारी नोटिस में 15 दिनों के भीतर अपेक्षित जवाब देने का निर्देश दिया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
शासन की ओर से जारी पत्र के अनुसार, जिलाधिकारी गाजीपुर के पत्रों के क्रम में तीन सदस्यीय जांच समिति ने शिकायतों की जांच की थी। समिति में मुख्य राजस्व अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर तथा बेसिक शिक्षा विभाग के लेखाधिकारी शामिल थे। जांच आख्या के परीक्षण के बाद कुल 18 आरोपों में से आरोप संख्या 4, 8, 9, 10, 11, 12 और 13 प्रथम दृष्टया सिद्ध पाए जाने का उल्लेख नोटिस में किया गया है।
निर्माण कार्यों में अधिक भुगतान का आरोप
नोटिस में राज्य वित्त आयोग की धनराशि से सड़क निर्माण तथा अन्य विकास कार्यों के भुगतान में अनियमितता के आरोपों का उल्लेख है। आरोप संख्या-4 में वित्तीय वर्ष 2016-17 में सड़क निर्माण कार्य के लिए प्राप्त धनराशि का मद परिवर्तन किए बिना सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के बगैर भुगतान किए जाने की शिकायत की जांच का जिक्र है। इसमें लगभग 38.31 लाख रुपये के भुगतान से संबंधित प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं।
इसी तरह, आरोप संख्या-8 में गर्ग ट्यूब एजेंसी से इदगाह तक सड़क के उत्तरी तरफ इंटरलॉकिंग पेवमेंट और नाली निर्माण कार्य में स्वीकृत निविदा राशि से अधिक भुगतान किए जाने का मामला शामिल है। आरोप संख्या-9 में बंशी बाजार में कृषि भवन से लोहिया भवन तक सड़क के दक्षिणी तरफ इंटरलॉकिंग पेवमेंट और नाली निर्माण के भुगतान में अनियमितता का उल्लेख किया गया है।
आरोप संख्या-10 में एलआईसी चौराहा से आरआर इंटरनेशनल स्कूल तक सड़क के दोनों तरफ इंटरलॉकिंग पेवमेंट एवं नाली निर्माण कार्य में स्वीकृत धनराशि 34.14 लाख रुपये के सापेक्ष 53.05 लाख रुपये भुगतान किए जाने का आरोप है।
अन्य सड़क और नाली निर्माण कार्य भी जांच के दायरे में
नोटिस में आरोप संख्या-11 के तहत आमघाट सरकारी कॉलोनी से गजल होटल के पीछे से गांधी पार्क होते हुए कोतवाली के मुख्य मार्ग तक सड़क के चौड़ीकरण, नाली मरम्मत और नाली पर ढक्कन निर्माण कार्य में अधिक भुगतान का उल्लेख है। आरोप संख्या-12 में जनन होटल के पीछे से कोतवाली गेट तक नाली निर्माण में स्वीकृत 12 लाख रुपये के सापेक्ष 19.12 लाख रुपये भुगतान किए जाने का मामला दर्ज है।
वहीं, आरोप संख्या-13 में अफीम फैक्ट्री से नगर पालिका चौराहा तक सड़क के दोनों तरफ इंटरलॉकिंग पेवमेंट और नाला निर्माण कार्य में स्वीकृत निविदा राशि 24 लाख रुपये के मुकाबले लगभग 40.26 लाख रुपये भुगतान किए जाने का उल्लेख किया गया है।
15 दिनों में देना होगा जवाब
शासन के नोटिस में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया सिद्ध पाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 48 के अंतर्गत कार्रवाई के संबंध में अध्यक्ष को अपना पक्ष स्पष्ट करने और कारण बताने का निर्देश दिया गया है। नोटिस प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर अपेक्षित जवाब नहीं मिलने पर उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू किए जाने की चेतावनी दी गई है।
यह आदेश 5 अक्टूबर 2026 को जारी कारण बताओ नोटिस के रूप में सामने आया है। इसकी प्रतिलिपि जिलाधिकारी गाजीपुर सहित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
फिलहाल यह मामला कारण बताओ नोटिस के स्तर पर है। आरोपों पर अध्यक्ष का पक्ष और शासन की आगे की कार्रवाई सामने आने के बाद ही मामले की अगली स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


















