गाजीपुर शहर के आबादी वाले इलाके लंका पुलिस बूथ के पीछे में बनाए गए रेलवे के कूड़ा घर से स्थानीय लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। यहां रेलवे का कूड़ा इकट्ठा किया जाता है, जिसे बाद में नगरपालिका द्वारा उठाया जाता है। लेकिन समय पर कूड़ा न उठाए जाने के कारण यहां कूड़े का ढेर लग जाता है। कई बार कूड़े में आग भी लगा दी जाती है, जिससे जहरीला धुआं आसपास के घरों तक पहुंच जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि ये जहरीला धुवां स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक है। जिससे फेफड़े में इन्फेक्शन का खतरा लगातार बना रहता है। इसके संपर्क में रहने से कैंसर तक की जटिल बीमारी भी हो सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कूड़ा जलने से निकलने वाला धुआं हवा के साथ उनके घरों तक पहुंचता है, जिससे सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। आसपास रहने वाले लोग लगातार दुर्गंध और प्रदूषण से परेशान हैं। इसकी शिकायत कई बार नगरपालिका और रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों से की जा चुकी है, मगर नगर पालिका और रेलवे प्रशासन कुंभकरण की नीद में सोई हुई है। बगल में ही कम्युनिस्ट पार्टी का कार्यालय भी है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आबादी के बीच बनाए गए इस कूड़ा घर को जल्द से जल्द हटाया जाए और कूड़े के नियमित उठान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को प्रदूषण और बीमारियों के खतरे से राहत मिल सके।





















