गाजीपुर।जनपद न्यायालय के विशेष पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी राजेश राजभर को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसमें से आधी राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है।
मामला सुहवल थाना क्षेत्र से संबंधित है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता कई वर्षों से अपने पिता के साथ असम के डिब्रूगढ़ में रह रही थी। वर्ष 2017 में जब वह अपने गांव आई तो परिवार की पुरानी पहचान के कारण आरोपी राजेश राजभर भी उससे मिलने पहुँचा। अगले ही दिन वह उसे सब्जी खरीदने के बहाने साथ ले गया और फिर पीड़िता को झांसा देकर अपने साथ फरार हो गया। करीब डेढ़ महीने तक आरोपी ने नाबालिग के साथ लगातार दुष्कर्म किया।
घटना की जानकारी होने पर पीड़िता के पिता ने सुहवल थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस द्वारा की गई जांच के बाद आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विशेष लोक अभियोजक प्रभु नारायण सिंह ने इस प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से 6 महत्वपूर्ण गवाह पेश किए। सभी गवाहों के बयान अभियोजन कहानी का समर्थन करते रहे, जिसके आधार पर न्यायाधीश राम अवतार ने आरोपी को दोषसिद्ध करार देते हुए कठोर दंड दिया।
निर्णय सुनाए जाने के बाद अदालत ने तत्काल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।













