गाज़ीपुर, 29 नवम्बर 2025।पूर्व IAS अधिकारी और वर्तमान में AJAJKS (SC-ST अधिकारी–कर्मचारी संगठन) के प्रांत अध्यक्ष बताए जा रहे संतोष वर्मा के कथित आपत्तिजनक, स्त्री-विरोधी और जातिगत विद्वेष फैलाने वाले बयान के खिलाफ गाज़ीपुर में विरोध तेज हो गया है। ब्राह्मण जनसेवा मंच (रजि.) ने आज राष्ट्रपति महोदया के नाम संबोधित एक पत्रक जिलाधिकारी के प्रतिनिधि एएसडीएम विनोद जोशी को सौंपते हुए वर्मा के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की।

मंच के संयोजक प्रदीप कुमार चतुर्वेदी द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि मीडिया में प्रसारित एक कथित बयान—
“जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान न कर दे या उससे संबंध न बना दे, तब तक आरक्षण मिलना चाहिए”
—न केवल धार्मिक-सामाजिक अस्मिता पर आघात करता है, बल्कि महिलाओं की गरिमा, स्वतंत्रता और सम्मान के विरुद्ध है।
महिलाओं के सम्मान और सामाजिक मर्यादा पर गंभीर हमला
मंच ने इस कथन को “ब्राह्मण समाज की बहन-बेटियों के सम्मान और समूचे भारतीय समाज की सांस्कृतिक मर्यादा पर गंभीर प्रहार” बताया। ज्ञापन में कहा गया कि इस तरह की सोच महिला-सम्मान, सामाजिक सद्भाव और संवैधानिक मूल्यों को ठेस पहुंचाती है।
संविधान और कानून का उल्लंघन
ब्राह्मण जनसेवा मंच का कहना है कि यह टिप्पणी
– स्त्री-विरोधी,
– जातिगत उत्तेजना फैलाने वाली,
– और सामाजिक वैमनस्य को प्रोत्साहित करने वाली है।
ऐसा बयान स्पष्ट रूप से संविधान के मूल अधिकारों का उल्लंघन करता है तथा दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
राष्ट्रीय एकता व कानून-व्यवस्था के लिए खतरा
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि एक पूर्व उच्च प्रशासनिक अधिकारी द्वारा दिया गया ऐसा अमर्यादित कथन समाज के विभिन्न वर्गों में अविश्वास और तनाव पैदा कर सकता है, जिससे राज्य और देश की शांति-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
मंच की प्रमुख माँगें
1. कठोर दंडात्मक कार्रवाई
संतोष वर्मा के विरुद्ध संबंधित धाराओं में तत्काल कार्रवाई की जाए।
2. एहतियातन गिरफ्तारी/हिरासत
कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु उन्हें हिरासत में लेने पर विचार किया जाए।
3. भविष्य के लिए कठोर नीति निर्माण
महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध दिए जाने वाले ऐसे बयान रोकने हेतु सख्त नीति लागू की जाए।
नारेबाजी के साथ डीएम कार्यालय तक मार्च
ब्राह्मण जनसेवा मंच के सैकड़ों सदस्यों ने सरजू पांडेय पार्क से जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकाला। इस दौरान
“संतोष वर्मा मुर्दाबाद”,
“संतोष वर्मा माफी मांगो”,
“कड़ी कार्रवाई करो”
जैसे नारे लगाए गए।
पत्रक सौंपने वालों में शामिल प्रमुख लोग
मनोज बाबा, वीरेंद्रनाथ पाण्डेय, दीपक उपाध्याय, शिवम उपाध्याय, अमित पाण्डेय, राजू उपाध्याय, सुधाकर पाण्डेय, विनीत दुबे, अंशु पाण्डेय, विनोद मिश्रा, सुधांशु तिवारी, दीपक पाण्डेय, निमेष पाण्डेय, बृजेन्द्र पाण्डेय, उमेश पाण्डेय, मिठ्ठू पाण्डेय, गणेश तिवारी, अतुल पाण्डेय, अमित उपाध्याय, विक्की पाण्डेय, पप्पू पाण्डेय, रत्नाकर दुबे सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।













