
गाजीपुर।नगर के अति प्राचीन आनंद विहार कॉलोनी, मुगलानीचक स्थित पश्चिममुखी मां काली-शीतला देवी मंदिर का वार्षिकोत्सव रविवार को अत्यंत भव्यता और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह की पहली किरण के साथ ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दूर से आए भक्तों ने मां के दरबार में पहुंचकर विधिवत पूजन-अर्चन किया और सुख-समृद्धि व मंगलकामनाओं की प्रार्थना की।

पूरे परिसर में घंटा-घड़ियाल, मंत्रोच्चार और “जय मां काली” व “जय शीतला माता” के जयकारों की गूंज से भक्तिमय वातावरण निर्मित हो गया। मां के अलौकिक श्रृंगार दर्शन के दौरान उमड़ी भीड़ ने मंदिर परिसर के हर हिस्से को आस्था और श्रद्धा के रंग में रंग दिया। दर्शन के उपरांत भक्तों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने गरमा-गरम प्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर पूजन, हवन एवं श्रृंगार व्यवस्था में स्थानीय श्रद्धालुओं सहित नगर के जनप्रतिनिधियों की विशेष सहभागिता रही। कार्यक्रम में रामाज्ञा यादव, बृजेश यादव, विश्वंभर प्रजापति, प्रेम प्रजापति, राजू यादव, बबलू प्रजापति, महेन्द्र सिंह पप्पू, दीपू सिंह, जगदीश यादव, नवनीत, जनार्दन प्रजापति, अंजनी सिंह, ओमकार, अभिषेक, श्याम जी, रंजीत, बबलू, कमलेश, पिंटू, शैली, अनिल, मुलायम, मनोज यादव, जित्तू सहित बड़ी संख्या में भक्तों ने यज्ञ-हवन में भाग लिया।

स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार यह मंदिर नगर का अत्यंत प्राचीन और शक्तिपीठ स्वरूप धार्मिक स्थल है। मां काली-शीतला देवी मंदिर की स्थापना शक संवत् 1722 (लगभग सन 1800 ई.) में हुई थी। मंदिर का पुनर्निर्माण शक संवत् 1946 (सन 2024 ई.) में भक्तों के सहयोग से कराया गया। मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता और आध्यात्मिक आस्था के कारण हर वर्ष हजारों भक्त यहां पहुंचकर माता के दर्शन करते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां मां के दरबार में की गई मनौती अवश्य पूर्ण होती है।

समापन अवसर पर मंदिर प्रबंधन समिति ने सभी सहयोगियों, भक्तों, स्थानीय प्रतिनिधियों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मां की कृपा से हर वर्ष की भांति यह आयोजन इस बार भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मंदिर प्रांगण में पूरे दिन उत्सव, भक्ति और समर्पण की भावनाओं का अद्भुत उत्साह दिखाई देता रहा।














