गाज़ीपुर।पूर्व भाजपा विधायक स्वर्गीय कृष्णानन्द राय की पुण्यतिथि पर आज बसनिया स्थित शहीद स्तम्भ पर बड़ी संख्या में लोगों ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। सुबह से ही शहीद स्तम्भ पर लोगों का तांता लगा रहा। सबसे पहले स्व. कृष्णानन्द राय के पुत्र पियुष राय तथा परिवार के अन्य सदस्यों ने शहीद स्तम्भ पर पुष्पांजलि अर्पित कर दिवंगत नेता और उनके साथ शहीद हुए सहयोगियों को नमन किया।
इसके बाद स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का रेला शहीद स्थल की ओर बढ़ गया। श्रद्धांजलि देने वालों की लंबी कतारें लगी रहीं और लगातार लोग पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी भावनाएँ व्यक्त करते रहे। पूरा परिसर “कृष्णानन्द राय अमर रहें” के नारों से गूंजता रहा।
पुष्पांजलि के बाद श्रद्धांजलि सभा के लिए लोगों का कारवां मोहम्मदाबाद शहीद पार्क की ओर निकल पड़ा, जहाँ दिवंगत विधायक की याद में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया

कृष्णानन्द राय हत्याकांड: 29 नवंबर 2005 का काला दिन
आज से ठीक 20 वर्ष पहले, 29 नवंबर 2005, को गाज़ीपुर जनपद को दहला देने वाली घटना घटी थी। भांवरकोल ब्लॉक के सियाड़ी गांव में एक क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन करने के बाद स्व. कृष्णानन्द राय का काफिला बसनिया चट्टी की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान अपराधियों ने घात लगाकर उनके काफिले पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
हमलावरों को पूर्व से जानकारी थी कि उस समय विधायक के साथ केवल उनके सरकारी सुरक्षा कर्मी मौजूद हैं और वे बुलेटप्रूफ वाहन में भी नहीं हैं। अचानक हुए इस हमले में किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिला। मौके पर ही कृष्णानन्द राय के साथ मुहम्मदाबाद के पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्यामा शंकर राय, भांवरकोल ब्लॉक भाजपा मंडल अध्यक्ष रमेश राय, अखिलेश राय, शेषनाथ पटेल, मुन्ना यादव और निर्भय नारायण की मौत हो गई थी।
एक ही घटना में सात लोगों की हत्या ने गाज़ीपुर ही नहीं, पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कृष्णानन्द राय के शरीर से 65 गोलियां बरामद की गई थीं, जिसने इस घटना की वीभत्सता को और स्पष्ट किया।
पुण्यतिथि पर संकल्प
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने कहा कि कृष्णानन्द राय जनसेवा और साहस के प्रतीक थे। उनके आदर्शों और त्याग को याद करते हुए लोगों ने जिले में शांति, सद्भाव और अपराधमुक्त समाज के निर्माण का संकल्प भी लिया।














