गाजीपुर। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष (उपमंत्री स्तर प्राप्त) चारू चौधरी ने सोमवार को महिला जिला अस्पताल गाजीपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई अनियमितताएँ पाई गईं।

चारू चौधरी ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, एसएनसीयू, लेबर रूम, अल्ट्रासाउंड रूम और ओपीडी का निरीक्षण किया। इस दौरान ओपीडी में मौजूद मरीजों ने उपाध्यक्ष से अपनी समस्याएँ साझा कीं। मरीजों ने बताया कि डॉक्टर अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के बावजूद ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड जैसी जांचों के लिए बाहर के प्राइवेट लैब भेज देते हैं।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि अस्पताल के अल्ट्रासाउंड सेंटर पर प्रतिदिन मात्र 10–12 मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड किया जाता है, जबकि बड़ी संख्या में मरीज रोज़ाना जांच के लिए आते हैं। इसके अलावा, डॉक्टरों द्वारा मरीजों को बाहर से दवाइयाँ खरीदने के लिए कहा जा रहा था।
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने अस्पताल में मरीजों की सुविधा हेतु लगाए गए लिफ्ट को भी जांचा, जो कि संचालन में नहीं थी। इस पर उन्होंने सीएमएस और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को निर्देश दिया कि सभी व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त किया जाए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आंगनबाड़ी और विद्यालय का निरीक्षण
अस्पताल निरीक्षण के बाद चारू चौधरी ने फॉक्सगंज स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। वहाँ पर उन्होंने एक गर्भवती महिला की गोद भराई एवं एक बच्चे का अन्नप्राशन संस्कार कराया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित महिलाओं को समय से दवा लेने, पौष्टिक आहार खाने और प्रसव पूर्व जांच कराने की सलाह दी।

इसके बाद उन्होंने प्राथमिक विद्यालय फॉक्सगंज का भी औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में कक्षा 1 से 5 तक कुल 14 बच्चे उपस्थित पाए गए, लेकिन बच्चों के पास पूरा स्कूल यूनिफॉर्म नहीं था। विद्यालय में कुल चार शिक्षकों में से केवल एक शिक्षक ही मौजूद था और वही एक साथ सभी कक्षाओं को पढ़ा रहा था।

विद्यालय की अव्यवस्था और बच्चों की पढ़ाई में लापरवाही देखकर चारू चौधरी ने नाराजगी जताई और बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि मामले की जांच कर विद्यालय की स्थिति को शीघ्र सुधारें।














