गाज़ीपुर,रायफल क्लब सभागार में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में जिला सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, स्कूल वाहनों की फिटनेस, हिट एंड रन केस, अवैध पार्किंग और ब्लैक स्पॉट की समस्याओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने में लापरवाही पर सख़्त नाराज़गी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि आगामी बैठकों में वे स्वयं उपस्थित रहें और महीनेवार तुलनात्मक विवरण फोटोग्राफ्स सहित प्रस्तुत करें।
बैठक में सीडीओ ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को अपने-अपने क्षेत्र में सड़कों के किनारे लगी झाड़ियों की समयबद्ध छटाई कराने के निर्देश दिए। हिट एंड रन मामलों को लेकर पुलिस विभाग को व्यापक प्रचार-प्रसार सहित कार्यशाला आयोजित करने और प्रभावित व्यक्तियों को परिवहन विभाग में आवेदन भेजने की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। लम्बित हिट एंड रन मामलों को तत्काल निस्तारित करने का आदेश भी दिया गया।
बैठक में परिवहन और शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का प्रचार प्रत्येक विद्यालय में मासिक पैरेंट्स-टीचर बैठक में हैंडबिल के माध्यम से किया जाए। वित्तविहीन विद्यालयों में भी 100% अनुपालन सुनिश्चित करने और अनुपालन आख्या जिलाधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
सीडीओ द्वारा विद्यालयों की प्रार्थना सभा में सड़क सुरक्षा पर जागरूकता अभियान चलाने हेतु अधिकारियों को नियमित भ्रमण करने का आदेश दिया गया। साथ ही विद्यालय प्रबंधन को चेतावनी दी गई कि बिना फिटनेस और परमिट के किसी वाहन से छात्र परिवहन न किया जाए। आउटसोर्सिंग के माध्यम से लगाए गए वाहनों के परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्र की जिम्मेदारी भी विद्यालय प्रबन्धन पर तय की गई। वाहन फिटनेस में लापरवाही पाए जाने पर विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
निर्देशों में यह भी शामिल किया गया कि ड्राइविंग लाइसेंस के बिना कोई विद्यार्थी दोपहिया वाहन से विद्यालय न आए और लाइसेंसधारक विद्यार्थी हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। उल्लंघन की स्थिति में अभिभावकों को सूचित किया जाएगा तथा प्रतिदिन अनुश्रवण किया जाएगा। ई-रिक्शा एवं छोटे वाहनों में क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाने पर भी कड़ी चेतावनी जारी की गई।
प्रत्येक विद्यालय में इंटरनल ट्रैफिक रूल्स कमेटी के गठन का निर्देश दिया गया, जो प्रत्येक महीने की पहली तारीख को जिला अधिकारी को रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी। सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को गोल्डेन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने के लिए राहगीरों को जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। राहवीर योजना के तहत घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले को ₹25,000 का पुरस्कार देने की जानकारी भी साझा की गई। इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए सार्वजनिक स्थलों, टोल प्लाजा, विद्यालयों और ब्लैक स्पॉट पर होर्डिंग लगाने का निर्देश दिया गया।
एम्बुलेंस नोडल अधिकारी ने बताया कि जनपद में 37 एम्बुलेंस गोल्डेन ऑवर में तुरंत मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए उपलब्ध हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सूचना मिलते ही एम्बुलेंस तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे।
हाईवे पर अवैध पार्किंग को लेकर सीडीओ ने कड़े शब्दों में नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि चिन्हित स्थानों के अलावा कहीं भी पार्किंग होने पर कार्रवाई की जाएगी। टोल प्लाजा पर अवैध पार्किंग रोकने में एनएचएआई की विफलता पर आपत्ति जताते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को सूचना भेजने की बात कही गई। हाईवे पर रॉन्ग साइड चलने, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, मोबाइल पर बात करते हुए या नशे में वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
एनएचएआई, पुलिस, रेलवे और परिवहन विभाग का एक संयुक्त व्हॉट्सऐप ग्रुप बनाने का भी निर्देश दिया गया, ताकि नियम तोड़ने वाले वाहनों की तस्वीरें साझा कर त्वरित चालान किया जा सके।
जनपद में चिन्हित 17 ब्लैक स्पॉट्स पर स्थलीय निरीक्षण कर तुरंत सुधार कराने का आदेश दिया गया। एनएचएआई वाराणसी इकाई ने बैठक में बताया कि सभी संबंधित ब्लैक स्पॉट्स पर रोड मार्किंग, साइन बोर्ड और आरबीएम का कार्य पूरा करा दिया गया है।
वाराणसी-गाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर स्थानीय लोगों द्वारा मीडियन तोड़कर बनाए गए अवैध कट्स पर तुरंत एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया। एनएचएआई द्वारा अभी तक एक भी एफआईआर न कराए जाने पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और तुरंत मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया।
बैठक का संचालन लो0नि0वि0 के सहायक अभियंता अनुराग यादव ने किया। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) दिनेश कुमार, लो0नि0वि0 के अधिशासी अभियंता, बी.एल. गौतम, जे.पी. यादव, संतोष कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, यातायात निरीक्षक सहित परिवहन, एनएचएआई, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा बस/ट्रक यूनियन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।













