गाजीपुर। आज शनिवार को जिला कारागार गाजीपुर में योगाभ्यास के महत्व को देखते हुए विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जेल अधीक्षक जगदम्बा प्रसाद दुबे के निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य बंदियों और कारागार अधिकारियों में स्वास्थ्य, मानसिक शांति और योग के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
योग शिविर का शुभारंभ ओम और गायत्री मंत्र के उच्चारण तथा ऐरोविक्स म्यूजिक की धुन के साथ किया गया। कार्यक्रम में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेज रौजा, गाजीपुर की योग विशेषज्ञ प्रतिक्षा पांडेय और राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय के योग प्रशिक्षक धीरज राय एवं सैय्यद सलमान हैदर ने उपस्थित अधिकारियों एवं बंदियों को योगाभ्यास कराया।

शिविर में बंदियों और अधिकारियों को सुबह के योगाभ्यास में हाथ, पैर और गर्दन की सूक्ष्म कियाएं, सूर्य नमस्कार, भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, भुजंगासन सहित अन्य प्राणायाम तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने योग के वैज्ञानिक और मानसिक लाभों पर भी विस्तृत जानकारी दी।
जेल अधीक्षक जगदम्बा प्रसाद दुबे ने उपस्थित बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि मानसिक स्थिरता और जीवन में अनुशासन बनाए रखने के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बंदियों से आग्रह किया कि वे नियमित रूप से योगाभ्यास करें और इसे अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाएं।

इस अवसर पर प्रभारी जेलर श्री राजेश कुमार, उपकारापाल रविंद्र सिंह, शिक्षा अध्यापक धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, अभय मौर्य, एवं कारागार स्टाफ भी उपस्थित रहे। जेल प्रशासन ने बताया कि भविष्य में ऐसे योग शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि बंदियों में स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन बनाए रखा जा सके।













