नगर क्षेत्र की जर्जर सड़कों, ध्वस्त गलियों और सीवर कार्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर गाज़ीपुर में 11 नवंबर से एक बड़ा जनसहभागिता अभियान शुरू होने जा रहा है। प्रमुख समाजसेवी विवेक कुमार सिंह ‘शम्मी’ के नेतृत्व में यह हस्ताक्षर अभियान नगर के विभिन्न मोहल्लों और बाज़ार क्षेत्रों में चलाया जाएगा।
अभियान का उद्देश्य नगर की सड़कों की दुर्दशा, निर्माण कार्यों में लापरवाही और संबंधित संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित कराना है। शम्मी ने बताया कि नगर के 10,000 से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षर एकत्र कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें कार्यदाई संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
जर्जर सड़कें परेशानी का सबब बनीं
सीवर और अन्य विकास कार्यों में कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते नगरपालिका क्षेत्र की लगभग सभी सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं।इन हालातों से —
• स्कूली बच्चों को समय से स्कूल पहुंचने में दिक्कत
• बीमार व्यक्तियों को अस्पताल तक लाने में परेशानी
• व्यापारिक गतिविधियों पर भारी असर
• आम जनमानस को रोजाना जोखिम भरी आवाजाही जैसी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो गई हैं।
व्यापारियों के अनुसार, खराब सड़कें पिछले कई वर्षों से उनकी आर्थिक गतिविधियों पर गहरा प्रभाव डाल रही हैं। वहीं स्थानीय नागरिकों ने जल निगम और नमामि गंगे प्रोजेक्ट के कार्यों में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
कार्यदाई संस्थाओं पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग
विवेक कुमार सिंह शम्मी ने कहा कि “पिछले 5 वर्षों से शहर गड्ढों में दफन है। बार-बार चेतावनी देने के बाद भी कार्यदाई संस्थाओं ने अपनी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं किया। अब समय आ गया है कि जिम्मेदार संस्थाओं को जवाबदेह बनाया जाए।”
ज्ञापन में निम्न मांगें शामिल की जाएंगी —
• कार्यदाई संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट किया जाए।
• लापरवाही और भ्रष्टाचार पर संबंधित संस्थाओं पर मुकदमा दर्ज किया जाए।
• सभी कार्यों की प्रशासनिक जांच कराई जाए।
• नगर की सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
इस जनआंदोलन के माध्यम से शहरवासियों में उम्मीद जगी है कि नगर की बिगड़ती व्यवस्था पर जल्द ही ठोस कार्रवाई होगी। अभियान में स्थानीय व्यापार मंडल, सामाजिक संगठन और युवा शामिल होने की तैयारी में हैं।













