गोरखपुर के गगहा विकास खंड अंतर्गत ग्राम सभा ठठौली डुमरी स्थित पंचायत भवन में शुक्रवार को किसानों के लिए एक विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सीएसआईआर–सीमैप द्वारा संचालित एरोमा मिशन फेज–3 और फ्लोरीकल्चर मिशन फेज–2 के तहत आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के तहत न केवल किसानों को आधुनिक सगंध एवं पुष्प फसलों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें इनकी खेती के लिए आवश्यक नि:शुल्क पौधों का वितरण भी किया गया। हर वर्ष की तरह इस बार भी किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सीमैप की ओर से यह मुफ्त पौध वितरण कार्यक्रम संचालित किया गया।
सीमैप लखनऊ से आए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रक्षपाल सिंह और रिसर्च स्कॉलर डॉ. स्वप्निल श्रीवास्तव ने किसानों को गेंदे, गुलाब, रजनीगंधा, चमेली जैसी फूलों की उन्नत किस्मों के साथ-साथ अश्वगंधा, कालमेघ, तुलसी जैसी औषधीय फसलों और लेमनग्रास, पामारोजा, जिरेनियम जैसी सगंध फसलों की खेती पर तकनीकी जानकारी प्रदान की।

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने फसल अवशेषों से मूल्य संवर्धन, जैविक खाद (वर्मी कम्पोस्ट) निर्माण, मशरूम उत्पादन, फूलों से गुलाबजल व अगरबत्ती बनाने की प्रक्रिया तथा फसल अवशेषों से कटलरी तैयार करने की तकनीक पर भी विस्तृत जानकारी दी। किसान इन नए आय स्रोतों को लेकर काफी उत्साहित दिखे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में ओमप्रकाश सिंह, अरुणेश प्रताप सिंह, अपूर्व आनंद सिंह, अशेष आनंद सिंह, रामदास सिंह, राम मिलन सिंह, यशपाल सिंह, शील बहादुर सिंह सहित अन्य ग्रामीणों का उल्लेखनीय सहयोग रहा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम से 50 से अधिक किसान लाभान्वित हुए। किसानों ने अपने क्षेत्र में इस तरह के उपयोगी कार्यक्रमों के आयोजन के लिए सीएसआईआर–सीमैप के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी तथा फ्लोरीकल्चर मिशन के परियोजना अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार वर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया।













