गाजीपुर।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट “गंगा विलास क्रूज” ने एक बार फिर गाजीपुर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर चमका दिया है। गुरुवार को स्विट्ज़रलैंड से आए 19 पर्यटकों का दल गंगा विलास क्रूज के माध्यम से गाजीपुर पहुंचा। नवापुरा घाट पर जैसे ही यह भव्य क्रूज ठहरा, स्थानीय लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और शहरवासियों ने पारंपरिक अंदाज़ में विदेशी मेहमानों का स्वागत किया — फूल, माला और “भारत माता की जय” के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा।

स्विस सैलानियों ने देखा गाजीपुर का गौरवशाली इतिहास
गंगा के शांत जल पर तैरता यह आलिशान क्रूज गाजीपुर के रामनगर से रवाना होकर नवापुरा घाट पहुंचा। यहां उतरने के बाद 16 सैलानियों की टीम स्थानीय गाइड समीर भट्टाचार्य के साथ लॉर्ड कॉर्नवालिस के ऐतिहासिक मकबरे का भ्रमण करने गई।
गाइड समीर भट्टाचार्य ने ब्रिटिश शासनकाल में कॉर्नवालिस की भूमिका, गाजीपुर में उनकी प्रशासनिक नीतियों और भारत की राजस्व व्यवस्था में उनके योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विदेशी पर्यटक इस ऐतिहासिक धरोहर को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए। कई सैलानियों ने अपने कैमरों में इस स्थल की सुंदरता को कैद किया और इसे “भारत की गौरवशाली विरासत” बताया।

स्थानीयों ने किया पारंपरिक स्वागत, बोले सैलानी — “यह अनुभव अविस्मरणीय है”
गंगा विलास क्रूज के आगमन से नवापुरा घाट और आसपास के इलाकों में त्योहार जैसा माहौल दिखा। महिलाएं आरती की थाल लिए खड़ी थीं, बच्चों ने तिरंगे झंडे लहराए, और कलाकारों ने लोकगीतों की धुनों पर विदेशी सैलानियों का स्वागत किया।
स्विट्ज़रलैंड से आई पर्यटकों की टीम ने बताया कि उनका यह ट्रिप बेहद शानदार रहा। उन्होंने कहा, “भारत की संस्कृति, लोगों का आतिथ्य और गंगा की पवित्रता — सबने हमें भावुक कर दिया। यह अनुभव जीवनभर याद रहेगा।”
गंगा विलास: भारत की विरासत और आधुनिकता का संगम
गंगा विलास क्रूज, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसका उद्घाटन वर्ष 2023 में वाराणसी से किया गया था। यह दुनिया की सबसे लंबी नदी क्रूज यात्रा है, जो भारत और बांग्लादेश की 27 नदी प्रणालियों से गुजरते हुए लगभग 3,200 किलोमीटर की दूरी तय करती है।
इस क्रूज में अत्याधुनिक सुविधाएं, पारंपरिक भारतीय खानपान, योग-ध्यान सत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में नदी पर्यटन (River Tourism) को बढ़ावा देना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देना है।
गाजीपुर के लिए गौरव का क्षण
गंगा विलास के आगमन से गाजीपुर जिले में पर्यटन की संभावनाएं और बढ़ गई हैं। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग अब इस मौके को स्थायी रूप से भुनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
जिलावासियों के लिए यह क्षण गर्व का था — जब गाजीपुर के घाटों पर विदेशी सैलानियों ने भारत की संस्कृति को करीब से महसूस किया और इस भूमि की ऐतिहासिक विरासत की सराहना की।













