जनपद गाज़ीपुर में पुलिस प्रशासन द्वारा मानक के विपरीत लगे लाउडस्पीकरों को हटवाने हेतु एक व्यापक विशेष अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक गाज़ीपुर के निर्देश पर की गई, जिसमें सभी थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने भाग लिया।
यह अभियान माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों और उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निर्धारित ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के तहत संचालित किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, त्योहारों के दौरान विभिन्न स्थानों से मानक के विरुद्ध लाउडस्पीकर एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संचालन की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इसके बाद मुख्यालय से तीन दिवसीय चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश जारी किए गए।
अभियान के प्रथम दिन कुल 36 ध्वनि विस्तारक यंत्रों की आवाज कम कराई गई, जबकि एक लाउडस्पीकर को तत्काल उतरवाया गया। यह कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
अभियान की प्रमुख बातें:
• धर्मगुरुओं और जनसाधारण से संवाद:
पुलिस अधिकारियों ने विभिन्न धर्मस्थलों की प्रबंधन समितियों और आम जनता से संवाद स्थापित कर ध्वनि प्रदूषण के नियमों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
• स्वैच्छिक अनुपालन पर जोर:
पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं अवैध लाउडस्पीकर हटा लें या निर्धारित मानकों के अनुसार ध्वनि का स्तर सीमित करें। कई स्थानों पर लोगों ने स्वेच्छा से सहयोग भी किया।
• कानूनी अनुपालन सुनिश्चित:
जिन स्थानों पर लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति है, वहां यह सुनिश्चित किया गया कि ध्वनि परिसर की सीमा से बाहर न जाए तथा रिहायशी क्षेत्रों में ध्वनि का स्तर दिन में 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल से अधिक न हो।

पुलिस अधीक्षक गाज़ीपुर ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य है
“ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण कर नागरिकों को एक शांत, स्वस्थ और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना।”
उन्होंने सभी नागरिकों, धार्मिक संस्थाओं और सार्वजनिक स्थलों के प्रबंधकों से कानून का पालन करने और पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति या संस्था नियमों का उल्लंघन करेगी, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।














