गाजीपुर। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा गाजीपुर इकाई के तत्वावधान में जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में उनके चंदन नगर स्थित आवास पर महान स्वतंत्रता सेनानी और निर्भीक पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर श्रद्धांजलि एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें उनके व्यक्तित्व और पत्रकारिता के योगदान पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम की शुरुआत में उपस्थित सदस्यों ने विद्यार्थी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और देश की एकता, अखंडता एवं सत्य की राह पर चलने का संकल्प लिया।
जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी ऐसे क्रांतिकारी पत्रकार थे, जिन्होंने अपनी लेखनी को अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का माध्यम बनाया। उनकी निर्भीक पत्रकारिता ने ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी थी। उन्होंने ‘प्रताप’ समाचार पत्र की स्थापना कर किसानों, मजदूरों और आम जनता की आवाज को बुलंद किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जी का जीवन सत्य, न्याय और स्वतंत्रता की लड़ाई के लिए समर्पित था। वे मानते थे कि पत्रकारिता केवल सूचना देने का कार्य नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन का एक सशक्त साधन है। उनकी लेखनी सदैव दबे-कुचले वर्ग की आवाज रही और उन्होंने सत्ता के दबाव में कभी झुकना स्वीकार नहीं किया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी ने अपने आदर्शों और विचारों से भारतीय पत्रकारिता को नई दिशा दी। 1931 में कानपुर दंगों के दौरान उन्होंने निस्वार्थ भाव से लोगों की सहायता करते हुए प्राण त्याग दिए। उनका बलिदान सच्चे पत्रकारिता धर्म का प्रतीक है।
इस अवसर पर चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, शैल श्रीवास्तव, अजय कुमार श्रीवास्तव, मोहनलाल श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, अमरनाथ श्रीवास्तव, आशुतोष श्रीवास्तव, आनंद श्रीवास्तव, अनूप श्रीवास्तव, नवीन श्रीवास्तव, हर्ष, प्रियांशु और आर्यन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री अरुण सहाय ने किया।













