गाज़ीपुर। प्रख्यात चित्रकार एवं कला गुरु राज कुमार सिंह (स्मृति शेष) की 48वीं जयंती पर शनिवार को चित्रकला कार्यशाला एवं प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन संभावना कला मंच गाज़ीपुर के तत्वाधान में तथा कला–सूत्रम् आर्ट स्टूडियो वाराणसी के सहयोग से कम्पोजिट विद्यालय रायगंज द्वितीय में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे चित्रकारों ने “चित्रकार राज कुमार सिंह जी का कलात्मक जीवन और प्रेरणा”, “प्राकृतिक धरोहर”, “बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ”, “पर्यावरण संरक्षण”, “स्वच्छता ही सेवा” और “दहेज प्रथा एक अभिशाप” जैसे सामाजिक और रचनात्मक विषयों पर अपनी कलाकृतियों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की।

अतिथियों ने की दीप प्रज्वलन और श्रद्धांजलि अर्पित
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती अरशी हुसैन, साहित्य चेतना समाज के संस्थापक अमरनाथ तिवारी ‘अमर’, राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका श्रीमती शीला सिंह, राजकीय सिटी इंटर कॉलेज के कला शिक्षक डॉ. सूर्यनाथ पाण्डेय, श्री विनय तिवारी, संभावना कला मंच की अध्यक्ष सीमा सिंह और कला–सूत्रम् के निर्देशक सुधीर सिंह द्वारा माँ सरस्वती एवं कला गुरु डॉ. राज कुमार सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया।
इस अवसर पर अतिथियों एवं विद्यालय कर्मियों को अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया।

बच्चों में दिखा कला का उत्साह
चित्रकला प्रतियोगिता को कक्षा-वार तीन वर्गों में विभाजित किया गया —
कक्षा 5–6: नीरज कुमार बिंद (प्रथम), मेहविश आलम (द्वितीय), अनन्या रावत (तृतीय)
कक्षा 7: खुशी गुप्ता (प्रथम), नूर सबा (द्वितीय), तुलसी कश्यप (तृतीय)
कक्षा 8: गौरी कश्यप (प्रथम), अर्चना विश्वकर्मा (द्वितीय), गौरी बिंद (तृतीय)

सभी विजेताओं को प्रमाण पत्र और आर्ट किट प्रदान किए गए, जबकि प्रतिभाग करने वाले सभी बच्चों को प्रतिभागिता प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। पाँच-पाँच बच्चों को सांत्वना पुरस्कार भी दिया गया।

कला गुरु के जीवन पर हुआ विमर्श
कार्यक्रम में अमरनाथ तिवारी, विनय तिवारी और अन्य वक्ताओं ने कला गुरु डॉ. राज कुमार सिंह के रचनात्मक योगदान और उनके कला दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में पंकज शर्मा, डॉ. आशीष गुप्ता, शिवांशी शर्मा, बृजेश कुमार, राहुल यादव और उत्कर्ष सिंह ने आयोजन को सफल बनाने में विशेष भूमिका निभाई। संचालन डॉ. राजीव कुमार गुप्ता ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कला–सूत्रम् के निर्देशक सुधीर सिंह ने प्रस्तुत किया।













