
गाजीपुर :बाहुबली माफिया पूर्व विधायक मरहूम मुख्तार अंसारी के परिवार के लिए कुछ समय से कोर्ट से राहत भरी खबरें मिल रही है,उधर शुभासपा पार्टी से विधायक अब्बास अंसारी को हेट स्पीच मामले में विधानसभा सदस्यता बहाली के रूप में बड़ी राहत मिली तो उसके छोटे भाई उमर अंसारी को फर्जी हस्ताक्षर के मामले में कासगंज जेल से जमानत मिली,तो वहीं गाजीपुर में मुख्तार अंसारी की पत्नी अफसा अंसारी के नाम चर्चित गजल होटल पर भी अब सुप्रीम कोर्ट ने राहत दे दी है।
आईए जानते है किन-किन मामलों में अंसारी परिवार को कोर्ट से राहत मिली।
अब्बास अंसारी की विधान सभा सदस्यता की बहाली
2022 में चुनाव प्रचार के दौरान अब्बास अंसारी को एक मंच से हेट स्पीच के मामले में मऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 2 साल की सजा सुनाई थी, जिसमें अब्बास अंसारी की विधान सभा सदस्यता चली गई थी, जिसके बाद अब्बास ने हाईकोर्ट में सदस्यता बहाली के लिए याचिका दाखिल की थी, जिस पर कोर्ट ने अब्बास को राहत देते हुए 20 जुलाई 2025 को अपने फैसले में सदस्यता बहाली का आदेश दे दिया,इस फैसले से अब्बास अंसारी की विधायकी पर मंडराता खतरा टल गया था।
उमर अंसारी को मिली जमानत
मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी की इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर रिहाई की खबर भी परिवार के लिए एक बड़ी खुशी लेकर आया।
उमर अंसारी पर आरोप था कि गैंगस्टर एक्ट में जब्त जमीन को कोर्ट से छुड़ाने के लिए उमर ने फर्जी दस्तावेज और अपनी मां अफ़्सा अंसारी के फर्जी हस्ताक्षर किए थे,पुलिस ने 4 अगस्त को उमर अंसारी को लखनऊ से गिरफ्तार कर गाजीपुर लाई थी,जहां सुरक्षा कारणों से 23 अगस्त को उमर अंसारी को गाजीपुर जेल से कासगंज जेल भेज दिया गया था।मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में फैसले के लिए याचिका दायर की गई थी, जिसमें कोर्ट ने 19 सितंबर को अपने फैसले में उमर अंसारी की जमानत याचिका मंजूर कर ली थी।
गाजीपुर के चर्चित गजल होटल पर कोर्ट का राहत भरा फैसला
मुख्तार अंसारी की पत्नी अफ़्शा अंसारी के नाम गाजीपुर के महुआबाग में स्थित कुर्क किए गए गजल होटल पर इसी बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में दुकानदारों को राहत देते हुए होटल के निचले हिस्से में स्थित 6 दुकानों को खोलने का आदेश दे दिया।हालांकि जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने स्पष्ट किया कि कुर्क किए गए गजल होटल पर आदेश यथावत बना रहेगा, सिर्फ उन दुकानदारों के लिए दुकान खोलने का आदेश हुआ है जो सुप्रीम कोर्ट गए थे।आदेश में कहा गया है कि दुकानों का किराया सरकारी कोष में जमा होगा।हालांकि इस फैसले से भी अंसारी परिवार को कुछ राहत मिलती दिखाई जरूर दी है।
मुख्तार अंसारी की बांदा जेल में मौत के बाद से ही परिवार के लिए दुर्दिन समय चल रहा था, हालांकि कोर्ट द्वारा सुनाए गए इन फैसलों से अंसारी परिवार के लिए जरूर कुछ राहत मिली दिखाई दी है ।हालांकि मुख्तार अंसारी की बीबी 50 हजार की इनामिया गैंगस्टर एक्ट में लंबे समय से फरार चल रही आफशा अंसारी अभी जरूर पुलिस की पकड़ से बाहर चल रही है।हाल ही में मऊ पुलिस ने उसके यूसुफपुर फाटक आवास पर गैरजमानती वारंट का नोटिस भी चस्पा कर चुकी है
रिपोर्ट – सुनील सिंह





















